यदि आप भी शेयर बाजार से तालुक रखते हैं तो आपने भी कभी न कभी Share BuyBack का नाम जरूर सुना होगा। और यदि आपको Share BuyBack के बारे मे जानकारी नहीं है। और आप भी यह खोज रहे होंगे। तो अब आपकी जानकारी समाप्त हुई क्योंकि यहाँ पर मैंने बताया है की What Is Share BuyBack In Hindi, Share शेयरों के बायबैक के लिए आवेदन कैसे करें BuyBack Kya hota hai। आखिर कोई भी कंपनी शेयर बाय बैक क्यों करती है।

What Is Share BuyBack In Hindi

शेयरों के बायबैक के लिए आवेदन कैसे करें

कॉर्पोरेट एक्शन्स जैसे बायबाक, टेकओवर , डीलिस्टिंग और ऑफर फॉर सेल में अप्लाई करने का प्रोसेस इस बात पर निर्भर करता है कि आपने पावर ऑफ़ अटॉर्नी सबमिट किया है या नहीं। देखिये हम कैसे चेक कर सकते है कि हमारा Zerodha के साथ POA या नॉन- POA अकाउंट हैं ?

POA और बिना POA के फॉलो किये जाने वाले स्टेप्स इस प्रकार हैं :

Without POA

  1. console.zerodha.com/dashboard पर जाएँ
  2. Portfolio पर क्लिक करें और Corporate actions. पर जाएँ
  3. स्टॉक पर होवर करें , select Options सेलेक्ट कीजिये और Place Order पर क्लिक करें
  4. टेंडर के लिए नंबर डालें और शेयरों के बायबैक के लिए आवेदन कैसे करें Submit पर क्लिक करें
  5. CDSL TPIN का इस्तेमाल करके ऑथॉराइज़ करें और पॉप- अप विंडो में OTP वेरीफाई करें।
  6. स्टॉक पर फिर से होवर करें, Options चुनें और Place Order पर क्लिक करें।
  7. टेंडर के लिए शेयर्स की संख्या एंटर करें और Submit पर क्लिक करें।
  1. console.zerodha.com/dashboard पर जाएँ
  2. Portfolio पर क्लिक करें और Corporate actions पर जाएँ
  3. स्टॉक पर होवर करें , select Options सेलेक्ट कीजिये और Place Order पर क्लिक करें
  4. टेंडर के लिए नंबर डालें और Submit पर क्लिक करें

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TCS Share Buyback: टीसीएस कर रही है शेयर बायबैक, जानिए निवेशकों को शेयर बेच देने चाहिए या रखे रहने में है फायदा!

tcs will consider stock buyback of up to rs. 18000 crore, here is what it means for tcs

TCS Share Buyback: टीसीएस कर रही है शेयर बायबैक, जानिए निवेशकों को शेयर बेच देने चाहिए या रखे रहने में है फायदा!

शेयर बायबैक वह प्रक्रिया है, जिसमें कोई कंपनी अपने ही शेयर्स को बाजार से वापस खरीद लेती है। इस तरह कंपनी खुद में ही री-इन्वेस्ट करती है। कंपनी के शेयरों को वापस खरीद लेने के बाद बाजार में आउस्टैंडिंग शेयर्स की संख्या कम हो जाती है। अब क्योंकि शेयर्स की संख्या कम हो जाती है तो हर शेयरहोल्डर का मालिकाना हक तुलनात्मक आधार पर कुछ बढ़ जाता है। शेयर बायबैक को आसान शब्दों में आईपीओ की उलट प्रक्रिया की तरह भी समझा जा सकता है।

कोई भी कंपनी क्यों खरीदती है अपने ही शेयर?

शेयर बायबैक की बात जब भी होती है तो एक सवाल ये सबसे मन में उठता है कि आखिर कंपनी अपने ही शेयर क्यों खरीद रही है। जब कभी कंपनी को लगता है कि उसके पास अधिक पूंजी है और उसे निवेश करने के लिए कोई प्रोजेक्ट नहीं है तो कंपनी शेयर्स बायबैक कर के खुद में ही निवेश करती है। वैसे भी किसी भी कंपनी के पास अधिक नकदी होना अच्छा नहीं माना जाता है, इससे बैलेंस शीट पर भी असर पड़ता है। ऐसे में शेयर बायबैक से उस नकदी का अच्छा इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर कंपनी को लगता है कि उसके शेयर की वैल्यू कम आकी जा रही है तो भी कंपनी शेयर बायबैक करती है, जिससे शेयर की वैल्यू बढ़ जाती है। इससे निवेशकों में भी भरोसा पैदा होता है कि कंपनी की वित्तीय हालत शेयरों के बायबैक के लिए आवेदन कैसे करें बहुत अच्छी है, जिससे कंपनी के शेयर्स के दाम भी बढ़ते हैं।

अहम सवाल ये कि निवेशक क्या करें?

टीसीएस की बायबैक प्रक्रिया में सबसे बड़ा सवाल ये है कि अब टीसीएस के निवेशकों को क्या करना चाहिए। इस सवाल का जवाब लंबी अवधि और छोटी अवधि के निवेशकों के लिए अलग-अलग है। अगर आपने लंबी अवधि के लिए टीसीएस में निवेश किया है तो बायबैक की प्रक्रिया में आप अपने शेयरों को ना बेचें, उनमें निवेश किए रहें, वो आने वाले दिनों में आपको और अधिक रिटर्न देंगे। आपको शेयर बायबैक के तहत शेयर तभी बेचने चाहिए अगर आपको लगे कि कंपनी के शेयर की वैल्यू काफी अधिक (ओवरवैल्यूड) है और कंपनी के पास ग्रोथ के कोई खास मौके नहीं हैं। वहीं दूसरी शेयरों के बायबैक के लिए आवेदन कैसे करें ओर, अगर आपने छोटी अवधि के लिए टीसीएस में निवेश किया है या फिर आपका मकसद सिर्फ ट्रेडिंग कर के मुनाफा कमाने तक सीमित है तो आपके लिए ये किसी गोल्डन चांस से कम नहीं।

BuyBack से कंपनी पर क्या प्रभाव पड़ता है

अब कई लोगों के मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि, आखिर कंपनी को शेयर BuyBack करने से उस कंपनी पर क्या प्रभाव पड़ता है या फिर कुछ प्रभाव ही नहीं पड़ता है। यदि आपके मन में भी यही सवाल आ रहा है तो आपके जानकारी के लिए मैं बता दूं कि, ऐसे तो Share BuyBack करने के बाद कंपनी पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है। मगर शेयर बायबैक के बाद बाजार में उस कंपनी के शेयर की संख्या में कमी आ जाती है। लेकिन इस से उस कंपनी के शेयरधारकों का एक फायदा यह हो जाता है कि प्रति शेयर इनकम में वृद्धि हो जाती है। इसके अलावा शेयर बायबैक होने से PE Ratio में भी वृद्धि हो जाती है। परंतु इसका कोई मतलब नहीं बनता है की इस से कंपनी के बिजनेस पर किसी प्रकार का कोई बदलाव हो।

अब कई लोगों के मन में यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर क्या कारण होता है कि कोई भी कंपनी अपने हीं Share को वापस से खरीद लेती है। यदि आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा है तो नीचे ध्यान से पढ़ें:~

कोई भी कंपनी शेयर बायबैक क्यों करती है

  • जब किसी कंपनी के पास से ज्यादा कैश जमा हो जाता है तब उस कंपनी के लिए अच्छा नहीं होता है क्योंकि ज्यादा कैश को रखने से उससे कोई भी रिटर्न नहीं आने वाला होता है
  • इसी कारण से कंपनी यह चाहती है कि इस कैश को शेरों में बदल दिया जाए।
  • लेकिन बाय-बाय करने के पीछे यह भी एक कारण होता है कि जब कंपनी के शेयर प्राइस कम हो जाती है तब कंपनी यह सोचती है कि उसके शेरप्राइस को बाय-बाय गजरिया बढ़ा दिया जाए हालांकि काफी हद तक कंपनी इसमें कामयाब भी हो जाती है
  • जब किसी कंपनी के स्टाफ में बहुत ज्यादा फूल एक्टिविटी आ जाती है तो इन्वेस्टर उस कंपनी में अपना पैसा निवेश करने से कतराते हैं तो कंपनी यह चाहती है कि इसका पॉजिटिव छवि को बढ़ाने के लिए शेयर को बाय-बाय के जरिए किया जाए तो फिर वह कंपनी शेयर बाय बैक करने का ऐलान करती है
  • या फिर जब कंपनी को अपने बिजनेस में बढ़ोतरी करना होता है तो उस कंपनी को बैंक से लोन लेने में दिक्कत या ज्यादा ब्याज दर होने के चलते कंपनी यह चाहती है कि अपने ही शेयर को उचित दाम पर वाइबे कर लिया जाए।

BuyBack के लिए आवेदन कैसे करते हैं

यदि आप भी एक निवेशक हैं और आपनेभी किसी कंपनी का शेयर खरीद रखा है। और उस कंपनी का शेयर बायबैक किया जाता है। तो ऐसे मे आप भी अपने शेयर को BuyBack के लिए आवेदन करना चाहते हैं। मगर आपको यह नहीं पता है कि Share BuyBack के लिए आवेदन कैसे किया जाता है तो नीचे पैराग्राफ में इसके बारे में पूरी जानकारी को पढ़ सकते हैं।

  • यदि आप शेयर BuyBack करने के आवेदन करना चाहते हैं। तो आपको शेयर BuyBack से संबंधित हर एक जानकारी होनी चाहिए जो कि आपने इस पोस्ट में ऊपर पढ़ भी लिया होगा यदि आपने नहीं पढ़ा तो उसे फिर शेयरों के बायबैक के लिए आवेदन कैसे करें से ऊपर स्क्रॉल करके पढ़ सकते हैं।
  • BuyBack के लिए आवेदन करना है तो सबसे पहले आपको अपने जिस ब्रोकर केसे शेयर खरीदा है उसके ऑफिशल वेबसाइट पर जाना होगा।
  • यहाँ आपको कई बिकलप मिलेंगे। सभी बिकल्पों को बिल्कुल ध्यान पढ़ कर भरें।
  • इसके साथ ही यहाँ पर आप Eligibility criteria को देख पाएंगे।
  • जिसके बाद आप काफी आसनी से Share BuyBack के लिए आवेदन कर पाएंगे।

Share BuyBack क्या होता है? से संबंधित प्रश्न उत्तर

Share BuyBack क्या होता है?

जब कोई भी कंपनी अपने ही Share को वापस खरीदती है, तो उसे Share BuyBack कहा जाता है।

Share BuyBack करने से किसे लाभ होता है?

इसमें शेयरों के बायबैक के लिए आवेदन कैसे करें दोनों का ही लाभ होता है, अधिकतर मामले में कंपनी को इस से कोई हानि नहीं होती है। ज्यादातर कंपनी को लाभ ही होता है। परंतु कई बार जब कंपनी के द्वारा Share को BuyBack किया जाता है। तो इससे निवेशक को घाटे का सामना करना पड़ता है।

Share BuyBack कितने प्रकार का होता है

Share BuyBack दो प्रकार का होता है:~
1. निविदा प्रस्ताव का माध्यम
2. ओपन मार्केट के माध्यम से

What Is Share BuyBack In Hindi

जब कोई भी कंपनी अपने ही Share को वापस खरीदती है, तो उसे Share BuyBack कहा जाता है।

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