विदेशी मुद्रा भंडार 6.56 अरब डॉलर बढ़कर 531.08 अरब डॉलर पर

मुंबईः देश विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 6.56 अरब डॉलर बढ़कर 561.08 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। पिछले दिनों देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का रुख देखा गया। इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार 3.84 अरब डॉलर घटकर 524.52 अरब डॉलर रह गया था। एक साल पहले अक्टूबर, 2021 में देश का विदेश मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया था।

देश के मुद्रा भंडार में गिरावट आने का मुख्य कारण यह है कि रुपए की गिरावट को थामने के लिए केन्द्रीय बैंक मुद्रा भंडार से मदद ले रहा है। रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 28 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण घटक मानी जाने वाली, विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 5.77 अरब डॉलर बढ़कर 470.84 अरब डॉलर हो गई।

डॉलर में अभिव्यक्त किए जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियों में मुद्रा भंडार में रखे यूरो, पौंड और जापानी येन जैसे गैर डॉलर मुद्रा के मूल्य में आई कमी या बढ़त के प्रभावों को दर्शाया जाता है। आंकड़ों के अनुसार, मूल्य के संदर्भ में देश का स्वर्ण भंडार 55.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 37.76 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक ने कहा कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 18.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 17.62 अरब डॉलर हो गया है।

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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (India’s Forex Reserve) 593 अरब डॉलर पर पहुंचा

24 जून, 2022 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.734 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 593.323 अरब डॉलर पर पहुँच गया है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत चौथे स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों, सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

24 जून, 2022 को विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $529.216 बिलियन
गोल्ड रिजर्व: $40.926 बिलियन
IMF के साथ एसडीआर: $18.210 बिलियन
IMF के साथ रिजर्व की स्थिति: $4.970 बिलियन

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 4.5 अरब डॉलर की गिरावट

New Delhi: रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने शुक्रवार को बताया है कि 14 अक्टूबर को ख़त्म होने वाले हफ़्ते में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 4.5 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है. इस गिरावट के साथ भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 528.37 अरब डॉलर हो गया है.
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20 करोड़ डॉलर की हुई थी वृद्धि
हालांकि इससे पिछले वाले हफ़्ते में विदेशी मुद्रा भंडार में 20 करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई थी. इस साल अगस्त के बाद से वो पहला मौका था जब किसी हफ़्ते भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा देखा गया था. मिली विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट जानकारी के अनुसार, अक्टूबर, 2021 में विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के साथ अब तक के अपने सर्वोच्च स्तर पर था.

विदेशी मुद्रा भंडार में अब भी जारी है गिरावट जबकि गोल्ड रिजर्व में दर्ज हुई बढ़ोतरी

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। देश में जितना भी विदेशी मुद्रा भंडार और स्वर्ण भंडार जमा होता है, उसके आंकड़े समय-समय पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किए जाते हैं। इन आंकड़ों में हमेशा ही उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। काफी समय तक विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में गिरावट के बाद पिछले सप्ताह दर्ज हुई बढ़त के बाद अब एक बार फिर इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) में इस विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट बार बढ़त दर्ज हुई है। इस बात का खुलासा RBI द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों से होता है। बता दें, यदि विदेशी मुद्रा परिस्थितियों में बढ़त दर्ज की जाती है तो, कुल विदेशी विनिमय भंडार में भी बढ़त दर्ज होती है।

RBI के ताजा आंकड़े :

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5 अगस्त 2022 को खत्म हुए सप्ताह में 89.7 करोड़ डॉलर घटकर 572.978 अरब डॉलर पर आ पहुंचा है। जबकि, 29 जुलाई 2022 को खत्म हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 2.315 अरब डॉलर कि बढ़त दर्ज हुई थी और यह 573.875 अरब डॉलर पर पहुच गया था। उससे पहले 22 जुलाई 2022 को खत्म हुए सप्ताह में 1.152 अरब डॉलर घटकर 571.56 अरब डॉलर पर आ पहुंचा है। वहीं, 1 जुलाई, 2022 को खत्म हुए सप्ताह में 5.008 अरब डॉलर घटकर 588.314 अरब डॉलर पर आ गया था जबकि, 24 जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़त दर्ज हुई थी, जो 2.734 अरब डॉलर से बढ़कर 593.323 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू :

बताते चलें, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट भी पिछले कुछ समय से गिरावट दर्ज होने के बाद एक बार की बढ़त के बाद अब विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट समीक्षाधीन सप्ताह में गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 67.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 40.313 अरब डॉलर पर जा पहुंची हैं। हालांकि, इससे पहले भी गोल्ड रिजर्व में गिरावट ही दर्ज की गई थी। रिजर्व बैंक ने बताया कि, आलोच्य सप्ताह के दौरान IMF के पास मौजूद भारत के भंडार में मामूली वृद्धि हुई। बता दें, विदेशी मुद्रा संपत्तियों (FCA) में आई गिरावट के चलते विदेशी विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट मुद्रा भंडार में भी गिरावट दर्ज होती है, लेकिन अब जब FCA में बढ़त दर्ज हुई विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट है तो विदेशी मुद्रा भंडार भी बढ़ा है। RBI के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा परिस्थितियों में बढ़त दर्ज होने की वजह से कुल विदेशी विनिमय भंडार में बढ़त हुई है और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, कुल विदेशी मुद्रा भंडार का एक अहम भाग मानी जाती है।

आंकड़ों के अनुसार FCA :

रिजर्व बैंक (RBI) के साप्ताहिक आंकड़ों पर नजर डालें तो, विदेशीमुद्रा परिसंपत्तियां, कुल विदेशी मुद्रा भंडार विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का अहम हिस्सा होती हैं। बता दें, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में बढ़त होने की वजह से मुद्रा भंडार में बढ़त दर्ज की गई है। FCA को डॉलर में दर्शाया जाता है, लेकिन इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्रा सम्पत्ति भी शामिल होती हैं। आंकड़ों के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (SDR) 4.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.031 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। जबकि, IMF में रखे देश का मुद्रा भंडार भी 30 लाख डॉलर घटकर 4.987 अरब डॉलर हो गया। समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA) 1.611 अरब डॉलर घटकर 509.646 अरब डॉलर रह गई है।

क्या है विदेशी मुद्रा भंडार ?

विदेशी मुद्रा भंडार देश के रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा रखी गई धनराशि या अन्य परिसंपत्तियां होती हैं, जिनका उपयोग जरूरत पड़ने पर देनदारियों का भुगतान करने में किया जाता है। विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इसका उपयोग आयात को समर्थन देने के लिए आर्थिक संकट की स्थिति में भी किया जाता है। कई लोगों को विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी का मतलब नहीं पता होगा तो, हम उन्हें बता दें, किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी अच्छी बात होती है, इसमें करंसी के तौर पर ज्यादातर डॉलर होता है, यानि डॉलर के आधार पर ही दुनियाभर में कारोबार किया जाता है। बता दें, इसमें IMF में विदेशी मुद्रा असेट्स, स्वर्ण भंडार और अन्य रिजर्व शामिल होते हैं, जिनमें से विदेशी मुद्रा असेट्स सोने के बाद सबसे बड़ा हिस्सा रखते हैं।

विदेशी मुद्रा भंडार के फायदे :

विदेशी मुद्रा भंडार से एक साल से अधिक के आयात खर्च की पूर्ति आसानी से की जा सकती है।

अच्छा विदेशी मुद्रा आरक्षित रखने वाला देश विदेशी व्यापार का अच्छा हिस्सा आकर्षित करता है।

यदि भारत के पास भुगतान के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा उपलब्ध है विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट तो, सरकार जरूरी सैन्य सामान को तत्काल खरीदने का निर्णय ले सकती है।

विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता को कम करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार की प्रभाव पूर्ण भूमिका होती है।

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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 878 मिलियन डॉलर घटकर 632.7 अरब डॉलर हुआ

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 878 मिलियन डॉलर घटकर 632.7 अरब डॉलर हुआ |_40.1

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India – RBI) के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 7 जनवरी, 2022 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $ 878 मिलियन घटकर USD 632.736 बिलियन हो गया। 31 दिसंबर को समाप्त पिछले सप्ताह में, भारत का भंडार $1.466 बिलियन से गिरकर $633.614 बिलियन हो गया। गिरावट मुख्य रूप से सोने के भंडार और विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए) में गिरावट के कारण थी। समीक्षाधीन सप्ताह में, एफसीए 497 मिलियन डॉलर घटकर 569.392 बिलियन डॉलर हो गया।

सोने का भंडार $360 मिलियन घटकर $39.044 बिलियन रहा। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ विशेष आहरण अधिकार (SDRs) $16 मिलियन गिरकर $19.098 बिलियन हो गया। आईएमएफ के साथ भारत की आरक्षित स्थिति 5 मिलियन डॉलर घटकर 5.202 बिलियन डॉलर हो गई।

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